19-06-2026 : राधारमण की प्रोफेसर को न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों हेतु नैनो मेडिसिन डिज़ाइन पेटेंट
राधारमण कॉलेज ऑफ फार्मेसी, भोपाल की सहायक प्राध्यापक सुश्री वैशाली पाण्डेय ने शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्हें एआई इनेबल्ड अपरेटस फॉर नैनो मेडिसिन प्रिपरेशन फॉर न्यूरोडीजेनेरेटिव डिजीजेस विषयक डिज़ाइन के लिए भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा डिज़ाइन पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। यह डिज़ाइन नैनो मेडिसिन निर्माण की उन्नत तकनीक से संबंधित है, जो भविष्य में न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों के उपचार संबंधी अनुसंधान को नई दिशा देने में सहायक हो सकता है।
सुश्री वैशाली पाण्डेय वर्तमान में राधारमण कॉलेज ऑफ फार्मेसी में सहायक प्राध्यापक हैं। उन्होंने फार्मास्यूटिक्स विषय में एम.फार्म किया है तथा वर्तमान में पीएच.डी. कर रही हैं। उनके अनेक शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
डिज़ाइन पेटेंट के साथ ही सुश्री वैशाली पाण्डेय ने शैक्षणिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने मुख्य लेखिका के रूप में बी.फार्मा छठे सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए टेक्स्टबुक ऑफ बायोफार्मास्यूटिक्स एंड फार्माकोकाइनेटिक्स (थ्योरी) (बीपी 604 टी) पुस्तक प्रकाशित की है। यह पुस्तक साइंटिफिक इंटरनेशनल पब्लिशिंग हाउस द्वारा प्रकाशित की गई है।
यह पुस्तक औषधियों के अवशोषण, वितरण, चयापचय एवं उत्सर्जन, बायोएवेलेबिलिटी, बायोइक्विवेलेंस तथा फार्माकोकाइनेटिक सिद्धांतों को सरल एवं व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करती है। यह बी.फार्मा एवं फार्मास्यूटिकल साइंस के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।
राधारमण समूह के अध्यक्ष इंजीनियर संजीव सक्सेना ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, राधारमण समूह में हम शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान और नवाचार को विशेष महत्व देते हैं। सुश्री वैशाली पाण्डेय द्वारा डिज़ाइन पेटेंट प्राप्त करना तथा पुस्तक का प्रकाशन संस्थान की अकादमिक और शोध उत्कृष्टता का प्रमाण है। यह उपलब्धि विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं को नवाचार एवं अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगी।
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