होली की पूर्व संध्या पर राधारमण ग्रुप परिसर में उनकी दिव्य स्मृति में भजन संध्या का आयोजन किया गया, ताकि इस पर्व को उत्सव से अधिक श्रद्धा, कृतज्ञता और आत्मीय स्मरण के रूप में जिया जा सके। कार्यक्रम के समापन पर भावपूर्ण आरती संपन्न हुई। उपस्थित फैकल्टी एवं स्टाफ द्वारा स्वर्गीय संस्थापक अध्यक्ष की धर्मपत्नी श्रीमती मनोरमा राधारमण सक्सेना जी को सम्मानपूर्वक गुलाल अर्पित किया गया—यह क्षण अत्यंत आत्मीय एवं भावुक रहा। इस अवसर पर राधारमण ग्रुप के वर्तमान अध्यक्ष इंजीनियर संजीव राधारमण सक्सेना जी तथा संस्थापक अध्यक्ष के सुपुत्र इंजीनियर प्रवीण राधारमण सक्सेना जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों सुपुत्रों ने पिताश्री की पावन स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन किया। पिताश्री को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु जिस समर्पण और आत्मीयता के साथ समस्त फैकल्टी, स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की, उसके लिए राधारमण ग्रुप परिवार हृदय से कृतज्ञ है। आप सभी की श्रद्धा ही उनके प्रति सच्चा सम्मान है
आज भी उनका स्नेह, उनका मार्गदर्शन और उनके संस्कार प्रत्येक क्षण प्रेरणा देते हैं। यह प्रथम होली है, जब वे सशरीर हमारे बीच उपस्थित नहीं हैं, परंतु उनकी पावन उपस्थिति पूरे परिसर में अनुभव की जा रही है। - 02-03-2026 आज भी उनका स्नेह, उनका मार्गदर्शन और उनके संस्कार प्रत्येक क्षण प्रेरणा देते हैं। यह प्रथम होली है, जब वे सशरीर हमारे बीच उपस्थित नहीं हैं, परंतु उनकी पावन उपस्थिति पूरे परिसर में अनुभव की जा रही है। - 02-03-2026 आज भी उनका स्नेह, उनका मार्गदर्शन और उनके संस्कार प्रत्येक क्षण प्रेरणा देते हैं। यह प्रथम होली है, जब वे सशरीर हमारे बीच उपस्थित नहीं हैं, परंतु उनकी पावन उपस्थिति पूरे परिसर में अनुभव की जा रही है। - 02-03-2026 आज भी उनका स्नेह, उनका मार्गदर्शन और उनके संस्कार प्रत्येक क्षण प्रेरणा देते हैं। यह प्रथम होली है, जब वे सशरीर हमारे बीच उपस्थित नहीं हैं, परंतु उनकी पावन उपस्थिति पूरे परिसर में अनुभव की जा रही है। - 02-03-2026 आज भी उनका स्नेह, उनका मार्गदर्शन और उनके संस्कार प्रत्येक क्षण प्रेरणा देते हैं। यह प्रथम होली है, जब वे सशरीर हमारे बीच उपस्थित नहीं हैं, परंतु उनकी पावन उपस्थिति पूरे परिसर में अनुभव की जा रही है। - 02-03-2026 आज भी उनका स्नेह, उनका मार्गदर्शन और उनके संस्कार प्रत्येक क्षण प्रेरणा देते हैं। यह प्रथम होली है, जब वे सशरीर हमारे बीच उपस्थित नहीं हैं, परंतु उनकी पावन उपस्थिति पूरे परिसर में अनुभव की जा रही है। - 02-03-2026 आज भी उनका स्नेह, उनका मार्गदर्शन और उनके संस्कार प्रत्येक क्षण प्रेरणा देते हैं। यह प्रथम होली है, जब वे सशरीर हमारे बीच उपस्थित नहीं हैं, परंतु उनकी पावन उपस्थिति पूरे परिसर में अनुभव की जा रही है। - 02-03-2026 आज भी उनका स्नेह, उनका मार्गदर्शन और उनके संस्कार प्रत्येक क्षण प्रेरणा देते हैं। यह प्रथम होली है, जब वे सशरीर हमारे बीच उपस्थित नहीं हैं, परंतु उनकी पावन उपस्थिति पूरे परिसर में अनुभव की जा रही है। - 02-03-2026