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राधारमण में शिक्षक दिवस पर कार्यक्रम आयोजित
05-09-2026
भोपाल। राधारमण ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, भोपाल में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर आरईसी सेमिनार हॉल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आरईसी एवं राधारमण आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज रिसर्च हॉस्पिटल (RAMCRH) के विद्यार्थियों के साथ शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. अखिलेश के. पांडे, पूर्व अध्यक्ष, मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग (म.प्र. शासन) एवं पूर्व कुलपति, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन थे। अपने संबोधन में उन्होंने देश के समक्ष मौजूद विभिन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुरूप ज्ञान, सोच और क्षमता विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारत रत्न एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के शिक्षक, दार्शनिक, विचारक और राष्ट्रनायक के रूप में योगदान को स्मरण करते हुए शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। संस्थान के निदेशकों ने राधारमण कॉलेज की स्थापना से अब तक की शैक्षणिक उपलब्धियों और विद्यार्थियों के विकास में संस्थान की भूमिका की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने भी अपने विचार साझा करते हुए बेहतर करियर निर्माण, निरंतर सीखने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम में डॉ. जितेंद्र सक्सेना, एमडी, राधारमण ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स; डॉ. पी. के. लाहिरी, ग्रुप डायरेक्टर; डॉ. अनुराग जैन, डायरेक्टर, आरईसी; श्री एस. बी. खरे, डीन, आरजीआई; डॉ. प्रद्युम्न विश्वकर्मा, प्राचार्य, आरईसी (पॉलिटेक्निक डिवीजन); तथा डॉ. प्रदीप कुर्मी, एचओडी, आरईसी सहित शिक्षक, स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि एवं उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।
राधारमण ग्रुप के अध्यक्ष इंजीनियर संजीव सक्सेना ने कहा, शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व और भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की शिक्षण परंपरा और विचार आज भी हमें प्रेरित करते हैं। राधारमण समूह का प्रयास है कि हमारे विद्यार्थी ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करें। |
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राधारमण में नवागत विद्यार्थियों का परिचय कार्यक्रम संपन्न
05-09-2026
भोपाल। राधारमण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (RITS), भोपाल में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित नवागत विद्यार्थी परिचय कार्यक्रम 2026 संपन्न हुआ। एक सितंबर से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संस्थान के शैक्षणिक वातावरण, सुविधाओं, अनुशासन, कौशल विकास और करियर अवसरों से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से संवाद करते हुए संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि कॉलेज जीवन केवल विषयगत ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी, अनुशासन, निरंतर सीखने और कौशल विकास पर भी ध्यान देना चाहिए। बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार करने, व्यावहारिक ज्ञान बढ़ाने और उपलब्ध करियर अवसरों का लाभ उठाने के लिए उन्हें शुरुआत से ही लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की सलाह दी गई।
विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वालों में ग्रुप डायरेक्टर डॉ. पी. के. लाहिरी, एमडी डॉ. जितेंद्र सक्सेना, डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह, ग्रुप डीन एस. बी. खरे, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. जयपाल बिष्ट तथा ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट प्रभारी डॉ. रॉबिन सैमुअल शामिल थे। विभिन्न विभागों के एचओडी ने भी विद्यार्थियों को विभागीय सुविधाओं और करियर संभावनाओं से परिचित कराया।
कार्यक्रम के समापन पर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने श्यामला हिल्स स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (IGRMS), भोपाल का शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण किया। यहां विद्यार्थियों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, जनजातीय जीवनशैली और सामाजिक विविधता से जुड़े विभिन्न प्रदर्शनों का अवलोकन किया। इस भ्रमण के जरिए उन्हें कक्षा से बाहर भारतीय संस्कृति और सामाजिक विविधता को करीब से समझने का अवसर मिला।
राधारमण ग्रुप के अध्यक्ष इंजीनियर संजीव सक्सेना ने कहा, कॉलेज में प्रवेश विद्यार्थी के जीवन के एक नए दौर की शुरुआत होती है। हमारा प्रयास है कि शुरुआत से ही उन्हें पढ़ाई के साथ कौशल विकास, अनुशासन और करियर की सही दिशा मिले। तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक समझ, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना ही उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार करेगी। |
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राधारमन ग्रुप में वृक्षारोपण अभियान आयोजित
27-08-2026
भोपाल, 27 अगस्त 2026। राधारमन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (RGI), भोपाल में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर के उद्देश्य से वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री मधु चौधरी, उप संचालक, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन एवं प्रभारी, रविंद्र भवन उपस्थित रहीं।
मुख्य अतिथि ने पौधारोपण कर विद्यार्थियों एवं संस्थान के सदस्यों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में राधारमन इंजीनियरिंग कॉलेज (REC) के निदेशक डॉ. अनुराग जैन, ग्रुप की कार्यकारी अधिकारी श्रीमती श्रेया अग्निहोत्री, डिप्लोमा प्राचार्य डॉ. प्रद्युम्न विश्वकर्मा सहित वरिष्ठ संकाय सदस्य, विद्यार्थी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।
ग्रुप डायरेक्टर डॉ. पी.के. लाहरी जी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे अभियान विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
अभियान में संस्थान के अधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर एवं सतत विकास का संदेश दिया गया। |
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राधारमण विद्यार्थियों ने सीपीआरआई भोपाल का किया शैक्षणिक भ्रमण
27-08-2026
भोपाल: राधारमण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (आरआईटीएस) के इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों ने केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई), भोपाल का शैक्षणिक भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने यहां शॉर्ट सर्किट टेस्टिंग, ईएमसी टेस्टिंग, ऑयल टेस्टिंग तथा स्विचगियर टेस्टिंग एवं डेवलपमेंट से जुड़ी प्रयोगशालाओं का अवलोकन कर विद्युत उपकरणों के परीक्षण और अनुसंधान की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान विद्यार्थियों ने उच्च वोल्टेज परीक्षण, विद्युत सुरक्षा, इंसुलेटिंग ऑयल की जांच, सर्किट ब्रेकर एवं स्विचगियर के परीक्षण तथा इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कम्पैटिबिलिटी जैसी तकनीकों को समझा। भ्रमण ने विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक औद्योगिक एवं अनुसंधान कार्यों से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।
राधारमण ग्रुप के अध्यक्ष इंजीनियर संजीव सक्सेना ने कहा, विद्यार्थियों के तकनीकी विकास के लिए केवल कक्षा में पढ़ाया गया सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। ऐसे औद्योगिक और अनुसंधान संस्थानों का प्रत्यक्ष अनुभव उन्हें तकनीक की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने में मदद करता है। राधारमण ग्रुप विद्यार्थियों को ऐसे व्यावहारिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर ग्रुप डायरेक्टर डॉ. पी.के. लाहिरी, मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. जितेंद्र सक्सेना, आरजीआई के डीन श्री एस.बी. खरे, आरआईटीएस के डायरेक्टर डॉ. अजय कुमार सिंह, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख श्री वरुण प्रताप सिसोदिया सहित फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने सीपीआरआई के विशेषज्ञों से विभिन्न परीक्षण प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की और तकनीकी विषयों पर संवाद किया। |
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राधारमण में आधुनिक विनिर्माण तकनीकों से रूबरू हुए इंजीनियरिंग विद्यार्थी
24-08-2026
भोपाल, 24 अगस्त 2026। राधारमण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (आरआईटीएस), भोपाल के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा “प्रिसाइज इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स के लिए एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीक्स” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक विनिर्माण तकनीकों, औद्योगिक कार्यप्रणाली और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं से परिचित कराना था।
संगोष्ठी में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट), भोपाल के सहायक तकनीकी अधिकारी अभिषेक ओझा एवं शैलेन्द्र घोड़की विशेषज्ञ वक्ता के रूप में शामिल हुए। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए आधुनिक विनिर्माण पद्धतियों और वर्तमान औद्योगिक परिदृश्य में आवश्यक कौशलों की जानकारी दी।
सत्र के दौरान उद्योग में अपेक्षित कौशल, कार्यस्थल के लिए तैयारी, औद्योगिक कार्य-परिवेश, उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों की अपेक्षाएं, उत्पादकता बढ़ाने वाले उपकरण एवं तकनीक, गुणवत्ता प्रबंधन तथा उत्पादकता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को विनिर्माण क्षेत्र के व्यावहारिक पहलुओं और वर्तमान औद्योगिक मानकों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
इस अवसर पर राधारमण ग्रुप के अध्यक्ष इंजीनियर संजीव सक्सेना ने कहा कि “आज के प्रतिस्पर्धी औद्योगिक वातावरण में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीकों और गुणवत्ता एवं उत्पादकता के मानकों की व्यावहारिक समझ होना आवश्यक है। राधारमण समूह का निरंतर प्रयास है कि विद्यार्थियों को विशेषज्ञों और उद्योग जगत के साथ संवाद के ऐसे अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे शिक्षा के साथ-साथ रोजगार एवं उद्योग की आवश्यकताओं के लिए भी बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।”
डॉ. पी.के. लाहिरी, ग्रुप डायरेक्टर, आरजीआई; डॉ. जितेंद्र सक्सेना, प्रबंध निदेशक; डॉ. अजय सिंह, निदेशक, आरआईटीएस; डॉ. जयपाल बिष्ट, डीन (छात्र कल्याण); एवं श्री एस.बी. खरे, डीन (प्रशासन) ने संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए अपना सहयोग एवं प्रोत्साहन प्रदान किया।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. पराग मिश्रा ने कार्यक्रम के संयोजक की भूमिका निभाई, जबकि अरहम जावेद एवं प्रो. आशीष वर्मा ने कार्यक्रम का समन्वय किया। |
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राधारमण ग्रुप में विद्यार्थियों को भूकंप सुरक्षा की तकनीकी जानकारी सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन
22-08-2026
राधारमण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा Role of Civil Engineering in Earthquake Safety विषय पर विशेष विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. तुषार गोलाइत, डिपार्टमेंट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट, मध्यप्रदेश शासन ने विद्यार्थियों को भूकंप के विभिन्न सीस्मिक जोन, IS 1893 जैसे तकनीकी मानकों, भूकंपरोधी निर्माण, सीस्मिक वेव्स तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही भूकंप के प्रभाव को कम करने और सुरक्षित संरचनाओं के निर्माण में सिविल इंजीनियरिंग की भूमिका पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर ग्रुप डायरेक्टर डॉ. पी.के. लहरी, मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. जितेंद्र सक्सेना, डायरेक्टर डॉ. अजय कुमार सिंह, डीन श्री एस.बी. खरे, स्टूडेंट वेलफेयर डीन डॉ. जयपाल बिष्ट एवं विभागाध्यक्ष प्रो. के.जी. किरार सहित शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
राधारमण ग्रुप के अध्यक्ष श्री संजीव सक्सेना जी ने कहा कि ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ वास्तविक चुनौतियों और आधुनिक तकनीकों को समझने का अवसर देते हैं। सुरक्षित एवं आपदा-रोधी निर्माण के लिए तकनीकी रूप से दक्ष इंजीनियर तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। |
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राधारमण में इंडस्ट्रियल स्किल विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान
20-08-2026
भोपाल। राधारमण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (आरआईटीएस), भोपाल के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती जरूरतों, आवश्यक कौशल और कार्य वातावरण की वास्तविकताओं से परिचित कराने के उद्देश्य से विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “आज के दौर में औद्योगिक कौशल की मांग और कार्य वातावरण के प्रति जागरूकता” था। कार्यक्रम में इंडस्ट्रियल डिजाइन अकादमी (एआईडी) के निदेशक हेमराज साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
श्री साहू ने वर्तमान औद्योगिक क्षेत्र में आवश्यक तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल, कार्यस्थल के लिए तैयारी, औद्योगिक कार्य वातावरण, उद्योग एवं शिक्षण संस्थानों की अपेक्षाएं, उत्पादकता बढ़ाने के उपकरण एवं कार्यप्रणालियां तथा गुणवत्ता प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, समस्या समाधान की क्षमता और पेशेवर दृष्टिकोण भी विकसित करना आवश्यक है। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने औद्योगिक क्षेत्र में करियर की संभावनाओं, आवश्यक कौशल और उद्योग की अपेक्षाओं से जुड़े विभिन्न प्रश्न भी पूछे।
इस कार्यक्रम के लिए राधारमण समूह के डायरेक्टर डॉ. पी.के. लाहिरी, मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर जितेंद्र सक्सेना,निदेशक डॉ. अजय सिंह, डीन (एस.डब्ल्यू.) डॉ. राजपाल बिष्ट, डीन (एडमिन) श्री एस.बी. खरे एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. पराग मिश्रा ने मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम समन्वय प्रो. आशीष वर्मा ने किया।
राधारमण ग्रुप के अध्यक्ष इंजीनियर संजीव सक्सेना ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी औद्योगिक वातावरण में वही विद्यार्थी बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं, जो अपनी पढ़ाई के साथ उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझते हैं। उन्होंने कहा कि राधारमण समूह में विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए विशेषज्ञ व्याख्यान, व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग से जुड़ी गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाता है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को कक्षा के ज्ञान को वास्तविक औद्योगिक परिस्थितियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। |
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ग्रामीण जल आपूर्ति परियोजना का तकनीकी अध्ययन: RITS के सिविल इंजीनियरिंग विद्यार्थियों का फील्ड विजिट
18-08-2026
आज दिनांक 18 अगस्त 2026 को राधारमण इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (RITS) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के 6वें सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की ग्रामीण जल आपूर्ति परियोजना का तकनीकी अध्ययन किया।
फील्ड विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने Water Supply System, Overhead Water Tank (OHT), Pipeline Network, Pipe Joints, Valves एवं Water Distribution System जैसे सिविल इंजीनियरिंग के महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं को वास्तविक परियोजना स्थल पर समझा।
परियोजना प्रमुख श्री कुलदीप सिंह जी ने विद्यार्थियों को परियोजना की कार्यप्रणाली की क्रमवार जानकारी प्रदान करते हुए जल संवर्धन, जल आपूर्ति व्यवस्था, ओवरहेड टैंक के निर्माण, पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया, विभिन्न प्रकार के पाइप, जॉइंट्स एवं वाल्व के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न तकनीकी बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
इस फील्ड विजिट के माध्यम से विद्यार्थियों को Water Supply Engineering एवं Construction से जुड़े सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परियोजना स्थल पर समझने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला।
इस अवसर पर संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. जितेंद्र सक्सेना, डायरेक्टर डॉ. अजय कुमार सिंह, डीन श्री एस.बी. खरे एवं स्टूडेंट वेलफेयर डीन डॉ. जयपाल बिष्ट ने विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
विभागाध्यक्ष प्रो. के.जी. किरार ने विद्यार्थियों को फील्ड विजिट के प्रमुख विषयों एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्रदान की। इस दौरान प्रो. नेहा व्यास, प्रो. राजीव कुमार, प्रो. परवीन बानो एवं लैब इंचार्ज श्री केवल मानकर जी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे।
राधारमण ग्रुप के अध्यक्ष श्री संजीव राधारमण सक्सेना जी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार के Field Exposure से विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने और अपने तकनीकी कौशल को विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर मिलता है। |
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महर्षि चरक जयंती के अवसर पर राधारमण आयुर्वेद महाविद्यालय, भोपाल में संहिता सिद्धांत एवं संस्कृत विभाग द्वारा आचार्य चरक जयंती समारोह बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया।
17-08-2026
इस आयोजन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भूपेन्द्र कुमार मिश्रा एवं उपप्राचार्य डॉ. प्रमेंद्र रघुवंशी के मार्गदर्शन में विविध कार्यक्रम संपन्न हुए।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में राधारमण समूह के प्रबंध निदेशक प्रो. डॉ. जितेन्द्र सक्सेना, समूह निदेशक डॉ. पी.के. लाहिरी तथा डीन अकादमी श्री एस.बी. खरे उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं आचार्य चरक के पूजन-वंदन से हुआ।
मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में बताया कि महर्षि चरक ने आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत की और उनके सिद्धांत आज भी चिकित्सा जगत के लिए मार्गदर्शक हैं।
राधारमण समूह के अध्यक्ष श्री संजीव राधारमण सक्सेना जी ने आचार्य चरक जयंती के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आचार्य चरक का आयुर्वेद के क्षेत्र में योगदान केवल भारत की चिकित्सा परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता के लिए अमूल्य विरासत है। आयुर्वेद के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं और आधुनिक समय में इनके वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पक्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। राधारमण समूह सदैव आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान एवं चिकित्सा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. गायत्री तैलंग द्वारा किया गया। संहिता सिद्धांत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. लाजवंती केसवानी ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए आचार्य चरक का परिचय दिया तथा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कुन्दन डोडवे ने महर्षि चरक की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए आयुर्वेद में उनके योगदान को रेखांकित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा संगीतमय श्लोक गायन, तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
अंत में प्रोफेसर डॉ. जी.एस. बघेल द्वारा अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया और कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय स्टाफ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। |
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